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125वें दिन भी जारी रहा मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्टों का धरना, सरकार की अनदेखी पर उग्र आंदोलन की रणनीति पर मंथन

बेरोजगार मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्ट संघ उत्तराखंड के धरने के 125वें दिन कार्यकारिणी की ओर से प्रदेश के समस्त मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्टों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में संगठन की पूर्व निर्धारित भविष्य की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा की गई तथा सरकार द्वारा मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने के विरोध में आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किए जाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष रणबीर बिष्ट ने कहा कि प्रदेश में डिग्रीधारी मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्टों की स्थिति लंबे समय से दयनीय बनी हुई है। उन्होंने कहा कि 26 वर्षों से लैब टेक्नॉलॉजिस्टों की सेवा नियमावली नहीं बन पाई है और न ही IPHS मानकों के अनुसार आवश्यक पदों का सृजन किया जा रहा है। इसके विपरीत, सरकार द्वारा इन्हीं पदों पर आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्तियां की जा रही हैं, जिससे डिग्रीधारी बेरोजगार लैब टेक्नॉलॉजिस्टों में रोष बढ़ रहा है।

रणबीर बिष्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद शासन स्तर पर संगठन के साथ प्रस्तावित बैठक दो बार स्थगित हो चुकी है। लगातार बैठकें स्थगित होने से लंबे समय से आंदोलन कर रहे युवाओं का मनोबल प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन अपनी मांगों को लेकर लगातार शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष करता आ रहा है, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर आगामी आंदोलन की रणनीति को और व्यापक बनाने पर विचार किया जा रहा है।

बैठक में संगठन के अन्य सदस्यों ने प्रदेश में संचालित निजी पैथोलॉजी लैबों में कथित रूप से बिना पंजीकरण एवं आवश्यक योग्यता के कर्मियों द्वारा कार्य किए जाने का मुद्दा भी उठाया। सदस्यों ने कहा कि ऐसे मामलों की जांच और नियमानुसार कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि मरीजों की जांच और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।

संगठन ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में डिग्रीधारी मेडिकल लैब टेक्नॉलॉजिस्टों की सेवा नियमावली का निर्माण, IPHS मानकों के अनुसार पदों का सृजन, वर्षवार नियमित भर्ती, आयु सीमा में एकमुश्त छूट तथा राजकीय चिकित्सालयों की पैथोलॉजी लैबों में आउटसोर्सिंग/निजीकरण पर रोक शामिल है।

बैठक में पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आगामी आंदोलन को लेकर आपसी सहमति और एकजुटता बनाए रखने पर जोर दिया।बैठक में आशीष चंद्र,रणबीर बिष्ट, मयंक राणा,सर्वेश वशिष्ठ, डोली रावत,दीपक राज सिंह जगवाण, दुर्गेश रमोला,रजत नौटियाल, शरद पाल सिंह,सिदार्थ कुकरेती, नवनीत थपलियाल, संजय जोशी,शरद पाल सिंह,

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