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त्योहारी सीजन में मिठाइयों की गुणवत्ता पर खाद्य सुरक्षा विभाग सख्त, छह नमूने जांच को भेजे

त्योहारी सीजन में आम जनता को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर विभागीय टीम ने देहरादून के सहस्त्रधारा रोड स्थित विभिन्न मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाइयों की गुणवत्ता परखने के लिए छह नमूने लिए गए, जिन्हें जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेज दिया गया है। विभाग ने मिठाई विक्रेताओं को खुले में बिक्री के लिए रखी मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से अंकित करने के निर्देश भी दिए हैं। त्योहारी मौसम में मिठाइयों की मांग बढ़ने के साथ ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी सुरक्षित बिक्री सुनिश्चित करना विभाग के लिए प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें बाजारों में निरीक्षण कर रही हैं। विभाग का कहना है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जांच में अनियमितता सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अल्मोड़ा स्वीट्स से मावा और चमचम के नमूने लिए

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, देहरादून मनीष सयाना के नेतृत्व में विभागीय टीम ने सहस्त्रधारा रोड स्थित अल्मोड़ा स्वीट्स शॉप का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दुकान में मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित मिली, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इन्हें और अधिक स्पष्ट रूप से लिखने के निर्देश दिए, ताकि उपभोक्ता आसानी से मिठाइयों की ताजगी और उपयोग की अवधि के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।निरीक्षण के दौरान संदेह के आधार पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह ने मावा और चमचम के नमूने लिए। इन नमूनों को प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बीकानेर मिष्ठान भंडार से चार नमूने लिए

विभागीय टीम ने सहस्त्रधारा रोड स्थित बीकानेर मिष्ठान भंडार का भी निरीक्षण किया। यहां मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित पाई गई। हालांकि, मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर संदेह के आधार पर वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी ने कलाकंद, काजू कतली, आटा लड्डू और खजूर बर्फी के चार नमूने जांच के लिए एकत्र किए।

इस तरह दोनों प्रतिष्ठानों से कुल छह नमूने लिए गए हैं। सभी नमूनों को राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद ही खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी। यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मिठाइयों की ट्रे पर तारीख लिखना जरूरी

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने खुले में बिक्री के लिए रखी जाने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को मिठाइयों की ताजगी और उनकी उपयोग अवधि के बारे में स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना है। विभागीय टीम दुकानदारों को इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए जागरूक करने के साथ ही निरीक्षण भी कर रही है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना ने बताया कि आयुक्त के निर्देशों और आगामी त्योहारों के मद्देनजर यह निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। छह मिठाइयों के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए आगे भी लगातार निरीक्षण और नमूना संग्रह की कार्रवाई जारी रहेगी।

इस अभियान में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र देहरादून रमेश सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी सहित विभागीय टीम के अन्य सदस्य शामिल रहे।

आयुक्त विनय शंकर पांडेय का बयान

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारी सीजन को देखते हुए मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ाई गई है। खुले में बिक्री के लिए रखी जाने वाली मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि स्पष्ट रूप से लिखना जरूरी है, ताकि उपभोक्ता जागरूक होकर खाद्य पदार्थों का चयन कर सकें। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट में किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के प्रति विभाग सख्त रुख अपनाएगा और यह अभियान लगातार जारी रहेगा

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